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खाद वितरण में लापरवाही पर हुई बड़ी कार्रवाई, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सहायक पंजीयक सहकारिता को सस्पेंड किया

सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री ने एमसीबी-कोरिया और सूरजपुर जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की

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मुख्यमंत्री ने एमसीबी, कोरिया और सूरजपुर जिले में पेयजल समस्या दूर करने, अधूरे पीएम आवास को समय पर पूर्ण करने के दिए निर्देशनिर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न करें कलेक्टर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

एमसीबी/21 मई 2026/भीषण गर्मी होने के बावजूद सुशासन तिहार के तहत सूरजपुर और कोरिया जिले में औचक दौरे के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चिरमिरी में स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में कोरिया, सूरजपुर और एमसीबी जिले के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, अधोसंरचना, पेयजल, स्वास्थ्य और कृषि तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों को समय पर खाद-बीज वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोरिया जिले के सहकारी समिति जिल्दा में खाद वितरण में लापरवाही की शिकायत सामने आने पर उन्होंने जिला सहकारी समिति के सहायक पंजीयक आयुष प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया और कलेक्टर कोरिया को निर्देशित किया कि इस प्रकरण में जो भी अन्य जिम्मेदार अधिकारी है उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने किसानों से संबंधित मामलों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समीक्षा बैठक में ग्रीष्म ऋतु में होने वाली पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को प्राथमिकता के साथ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता होने पर टैंकर क्रय करने और जरूरत पड़ने पर सीमावर्ती जिलों से भी पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार में शिविर के माध्यम से राजस्व प्रकरण सहित शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए तीनों जिलों के कलेक्टरों की सराहना की। उन्होंने लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में तीनों जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि सड़क, भवन सहित अन्य जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उनकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने सख्ती से कहा कि किसी भी दबाव में आकर काम करने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गर्मी का मौसम समाप्त होने के बाद बरसात के समय होने वाली मौसमी बीमारियों से रोकथाम के लिए व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को कार्ययोजना बनाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बरसात के पूर्व पेयजल स्रोतों में क्लोरीन डालने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम आवास निर्माण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधूरे कार्यों को समय पर पूर्ण करने और नॉमिनी नहीं होने की वजह से आ रही समस्या को दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने तीनों जिलों के कलेक्टरों को स्व-सहायता समूह के माध्यम से रेडी-टू-ईट निर्माण कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नई खुली सहकारी समितियों को क्रियाशील रखने, किसानों को समय पर खाद-बीज वितरण एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पॉस्को सहित गंभीर धाराओं में दर्ज प्रकरणों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और उनकी समस्याओं का निराकरण करना हमारी प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एमसीबी और कोरिया जिलों को शिविरों की संख्या बढ़ाने और राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में पेट्रोल, डीज़ल और गैस की आपूर्ति सामान्य रखने तथा पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सड़क, बिजली और सिंचाई नहर से संबंधित कार्यों के लिए वन विभाग को समय पर क्लीयरेंस प्रदान करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कोयला खदानों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताते हुए खदानों को अनावश्यक रूप से बंद न करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीएफओ को नए खदानों के लिए वन विभाग की क्लीयरेंस प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ को गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत जंगल के भीतर से बाहर जाने की इच्छुक ग्रामों को बाहर पुनर्वास करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने और शेर के रहवास के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में सेवा सेतु अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने लौटाए गए जाति प्रमाणपत्र वाले प्रकरणों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वन अधिकार पत्रधारकों और संयुक्त खाताधारकों को लाभान्वित करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एमसीबी जिले में शिक्षा गुणवत्ता की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कार्ययोजना बनाकर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा (रोड सेफ्टी) से संबंधित मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भईया लाल रजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी पंकज झा सहित तीनों जिलों के कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, रोक्तिमा यादव, रेना जमील सहित एसपी, डीएफओ, सीईओ उपस्थित थे।

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