छत्तीसगढ़

ग्रामीण आजीविका को मिलेगा नया संबल, कोरिया में 174 किसानों को मिले 1020 बैग उन्नत मत्स्य बीज

लखपति दीदियों की आजीविका डबरियों से बढ़ेगी अतिरिक्त आय

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कोरिया, 21 अगस्त 2026/ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तथा महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने की दिशा में कोरिया जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास के प्रयासों से वीबी-ग्राम-जी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के 174 किसानों को 1020 बैग उन्नत मत्स्य बीज वितरित किए गए।

*आजीविका डबरियों में मत्स्य पालन से बढ़ेगी महिलाओं की आय*
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बिहान महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को ‘आजीविका डबरी योजना’ से जोड़ा गया है। योजना के तहत निर्मित डबरियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देश पर मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को अनुदान आधारित मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया।

कुल 174 हितग्राहियों में 68 आजीविका डबरी हितग्राही तथा 106 अन्य किसान शामिल हैं। अन्य हितग्राहियों के पास तालाब, अमृत सरोवर अथवा व्यक्तिगत डबरी उपलब्ध है। मत्स्य पालन से इन्हें कृषि के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।

*बैकुंठपुर और सोनहत में हुआ मत्स्य बीज वितरण*
मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम विकासखंड बैकुंठपुर के गेज प्रक्षेत्र तथा विकासखंड सोनहत के अमहर प्रक्षेत्र में आयोजित किया गया। योजना के तहत हितग्राहियों द्वारा मात्र 140 रुपये प्रति बैग की दर से स्वैच्छिक अंशदान राशि जमा कराई गई।

जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए क्लस्टर लेवल एप्रोच तैयार की जा रही है। इसके तहत मत्स्य उत्पादक किसानों एवं महिला समूहों के क्लस्टर बनाकर उन्हें बड़े व्यापारियों और बाजारों से सीधे जोड़ा जाएगा।

इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सामूहिक रूप से मत्स्य उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

जिला प्रशासन की इस पहल से कृषि, महिला स्व-सहायता समूहों और मत्स्य पालन को एक साथ जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।

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