छत्तीसगढ़

कोरिया वन मंडल बना सुर्खियों में, बैकुंठपुर रेंज में अवैध कोयला उत्खनन तेज

सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार वन रक्षक बना कोल माफिया का खबरी?

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कोरिया। छत्तीसगढ़
जिले का कोरिया वन मंडल इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मण झरिया के घने जंगलों में अवैध कोयला उत्खनन का खेल तेजी से चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, यहां बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ खुदाई कर कोयला निकाला जा रहा है, जिससे न सिर्फ वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेंजर अपने रेंज की निगरानी करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं, जिसके चलते अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर सक्रिय हैं। जंगलों के भीतर गहरे गड्ढे और बड़े-बड़े मुहाड़े बनाकर कोयला निकाला जा रहा है, जो कभी भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकते हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इस गंभीर मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता से अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

पर्यावरण और सुरक्षा दोनों पर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अवैध उत्खनन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचती है। जंगलों की हरियाली खत्म होने के साथ ही वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, बिना सुरक्षा मानकों के की जा रही खुदाई से मजदूरों और आसपास के लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

बड़ी दुर्घटना का इंतजार?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। जरूरत है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करे और इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाए।

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